Chandigarh Parvarish Yojana। चंडीगढ़ परवरिश योजना। चंडीगढ़ परवरिश योजना के लाभ | parvarish yojana form pdf | parvarish yojana form
Chandigarh Parvarish Yojana : नमस्कार दोस्तों आज का हमारा लेख है अनाथ बच्चों के लिए चंडीगढ़ परवरिश योजना इस योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन कैसे करें ? लाभ और पात्रता इन सब की जानकारी आज हम आपको अपने आर्टिकल के द्वारा देंगे! हमारे आर्टिकल को अंत तक ध्यान से पढ़ें!!

इस योजना के माध्यम से करोना वायरस संक्रमण से संक्रमित बच्चों और अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। देश के केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ ने कोविड-19 में अनाथ हुए बच्चों को संवारने के लिए उनके जीवन को अच्छा बनाने के लिए Chandigarh Parvarish Yojana का आरंभ किया है।
इस योजना में उन्हें कई और लाभ मिलेंगे जैसे- निशुल्क स्कूली शिक्षा, भरण पोषण, रहन-सहन की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, स्नातक की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। आज हम आपको Chandigarh Parvarish Yojana की सभी महत्वपूर्ण जानकारी देंगे इसलिए आपसे निवेदन है कि हमारे लेख को पढ़ें!!!
कारोना के कारण अनाथ हुए गरीब बच्चों के हित में चंडीगढ़ परवरिश योजना को सरकार ने लागू किया है। यह योजना अनाथ बच्चों को शिक्षा और सारी सुविधाएं प्रदान करेगी साथ ही सरकार प्रत्येक बच्चे को ₹300000 का फिक्स डिपॉजिट भी देगी । यह उन्हें 21 वर्ष की आयु के बाद दिया जाएगा।
कोविड-19 में अनाथ हुए बच्चों के पास रहने के लिए जगह नहीं थी। उन्हें विभिन्न संस्थाओं में रहने के लिए भर्ती कराया जाता है। कोविड-19 बेसहारा बच्चों को सहारा देने के लिए इस योजना का आयोजन हुआ है। इस योजना का खर्च प्रशासन के समाज कल्याण द्वारा उठाया जाएगा। इस योजना का आवेदन ऑफलाइन मोड़ से करना होता है ।आवेदन की स्वीकृति एसडीओ के माध्यम से दी जाती है ।

इस योजना में कोरोना महामारी के दौरान अपने माता पिता को खो देने वाले 270 बच्चे वेरीफाई हुए हैं। जिनको विभाग द्वारा के द्वारा लाभ दिया जाएगा। इन बच्चों में से 12 बच्चे पूरी तरह से अनाथ हैं । जबकि 154 बच्चे ऐसे हैं जिनकी मां या पिता में से कोई एक कोरोनावायरस संक्रमण के कारण मर चुका है। इन बच्चों को इस योजना के तहत हर महीने ₹25 से लेकर ₹5000 तक सहायता प्रदान की जाएगी ।
चंडीगढ़ प्रशासन ने वेलफेयर विभाग द्वारा 154 बच्चों को ₹300000 की राशि जारी कर दी है। जल्द ही डिप्लोमा और डिग्री की पढ़ाई कर रहे बच्चों के लिए धनराशि जारी की जाएगी ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट ना सके कोविड-19 की वजह से बहुत से बच्चे अनाथ हुए जिनका कोई सहारा नहीं है इन्हीं सब को देखते हुए चंडीगढ़ परवरिश योजना का आयोजन सरकार द्वारा किया गया।
Chandigarh Parvarish Yojana का उद्देश्य
Chandigarh Parvarish Yojana मुख्य उद्देश्य कोरोनावायरस से संक्रमित होने के कारण अपने माता पिता को देने की वजह से अनाथ बच्चों की परवरिश करना है। जिसके लिए सरकार ने अनाथ बच्चों के लिए शिक्षा ,रहन सहन ,खान पीन चिकित्सा सुविधा, बीमा सुविधा और मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए सहायता दी जाएगी यह योजना अनाथ बच्चों के विकास को सुनिश्चित करेगी।

जिससे उनका भविष्य उज्जवल होगा चंडीगढ़ परवरिश योजना का सुचारू रूप से संचालन समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है। चंडीगढ़ की इस योजना को शुरू करने की अद्भुत प्रदेश के हजारों बच्चों के बच्चों भविष्य को उज्जवल बना रहे हैं। वह भी आप एक अच्छा जीवन जीने के हकदार हैं ना के कारण जो बच्चे अनाथ हो चुके हैं उनका सहारा सरकार बनेगी।
Chandigarh Parvarish Yojana के तहत 2 कैटेगरी में बच्चों को शामिल किया गया है
पहली कैटेगरी-चंडीगढ़ परवरिश योजना के तहत इस कैटेगरी में कोरोनावायरस के दौरान अपने माता-पिता में से किसी एक को गवा दिया है। और जीवित माता-पिता ने बच्चों को सरेंडर कर दिया है।
- पात्रता-Chandigarh Parvarish Yojana में आवेदन करने के लिए आवेदक चंडीगढ़ का स्थाई निवासी होना चाहिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए जिन बच्चों के पास बर्थ प्रूफ नहीं है 2015 अधिनियम अनुसार उन बच्चों की उम्र निर्धारित होनी चाहिए जो चंडीगढ़ के निवासी नहीं है उन्हें किशोर न्याय के अनुसार मूल राज्य में स्थानांतरित किया जाएगा।

- वित्तीय लाभ-चंडीगढ़ परवरिश योजना में इस योजना के तहत 60 दिन के अंदर ही बच्चों के नाम पर 300000 की सब्जी जमा की जाएगी जिन्हें 21 वर्ष की आयु में पूरा होने के बाद दी जाएगी अगर बच्चों के परिवार की देखरेख में रखा जाता है तो यह राशि नहीं जाएगी।
- शैक्षिक लाभ-समाज कल्याण विभाग चंडीगढ़ बच्चे की शैक्षिक और वेबसाइट जरूरतों को पूरा करने का खर्च वहन करेगी।
दूसरी कैटेगरी– चंडीगढ़ परवरिश योजना कोविड-19 के दौरान दिन बच्चों के माता-पिता को खो दिया है और रिश्तेदारों के पास रह रहे हैं।
- पात्रता- आवेदक कोचंडीगढ़ का स्थाई निवासी होना चाहिए बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है माता-पिता की दोनों मृत्यु कोरोनावायरस संक्रमण के कारण हुई हो।
- शैक्षिक लाभ- संस्थानों में भर्ती बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाएगी 1 वर्ष का डिप्लोमा करने के लिए बच्चे को ₹25000 दिए जाएंगे3 वर्षीय स्नातक डिग्री करने के लिए बच्चे को ₹50000 दिए जाएंगे।

- वित्तीय लाभ-इस योजना के तहत बच्चों को उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति व जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹5000 दिए जाएंगे यदि बच्चा 18 साल का हो गया है और वह बेरोजगार है तो ऐसी स्थिति में 21 वर्ष तक बढ़ाया जाएगा यानी 5,000 से वित्तीय सहायता का लाभ 21 वर्ष की आयु तक दिया जाएगा।
चंडीगढ़ परवरिश योजना के लाभ
- खोजना का लाभ उन बच्चों को दिया जाएगा जो कोविड-19 के कारण अनाथ हो गए हैं।
- Chandigarh Parvarish Yojana के द्वारा अनाथ बच्चों को शिक्षा चिकित्सा सभी जरूरतें और उनके खर्चे उठाए जाएंगे समाज कल्याण विभाग द्वारा होगा।
- सरकार द्वारा इस योजना के तहत बच्चों के नाम 300000 की फीस डिपॉजिट एफबीबी बनाएगी जो उन्हें किस वर्ष की आयु पर दिया जाएगा।
- इस योजना के तहत बच्चों को सरकारी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा दी जाएगी।
- इस योजना के लिए 18 वर्ष की आयु होनी चाहिए।
- 18 वर्ष की आयु के बाद डिप्लोमा कोर्स भी करवाया जाएगा।
- इस योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन ही रखे गए हैं।
- यदि आप इच्छुक आवेदक हैं तो अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र में जाकर इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।